
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को निजी प्रवास पर रायगढ़ पहुंचे।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को निजी प्रवास पर रायगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियो से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वे लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार के पति के निधन पर परिवार को शोक संवेदना व्यक्त करने आए हैं। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस सहित कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल दिखावा कर रही है। सरकार कभी आदिवासियों को आगे बढ़ाने का सोचती ही नहीं। राष्ट्रपति और सीएम दोनों आदिवासी हैं लेकिन आदिवासी दिवस नहीं मनाया गया । इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि आप आदिवासियों के हिसाब से नहीं अपने हिसाब से चलना चाहते हैं। रमन सरकार ने 15 साल आदिवासी दिवस पर छुट्टी नहीं दी हमारी सरकार आई थी तो हमने अवकाश घोषित किया था। सभी ब्लॉकों में उत्साह पूर्वक कार्यक्रम होते थे। भूपेश बघेल ने कहा कि जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे भाजपा कार्यकाल में बस्तर में कई पंचायत में चुनाव नहीं हुए। वहां 15 अगस्त 26 जनवरी में काले झंडे फहराए जाते थे। हमारी सरकार आई तो चुनाव भी हुए और तिरंगा झंडा भी फहरा। इन्हें तिरंगे झंडे से कोई लेना-देना नहीं है। जब को अंग्रेजों के शासन काल में कांग्रेसी तिरंगा झंडा लेकर निकलते थे तो ये सूचना देने का काम करते थे। 52 साल तक आरएसएस कार्यालय में तिरंगा झंडा नहीं फहरा और अब ये झंडा लेकर निकल रहे हैं ये छद्म राज है। ये लोगों को भूलावे मिलने की कोशिश कर रहे हैं। अब जेन जी जाग गया है। इन्होंने वह कर दिखाया है जो बड़े-बड़े राजनीतिक दल नहीं कर पाए। स्थिति यह है कि जो सरदार पटेल की तरह अपने आप को तुर्रम खान गृह मंत्री समझते थे उनकी बराबरी करना चाहते थे वह पार्लियामेंट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। अब देश की सियासी तस्वीर बदल रही है। उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ओवर रेट शराब क्यों बिक रही है। उसकी जांच ईडी से कब करेंगे।




