
रायगढ़ में प्रस्तावित जन्माष्टमी मेला विवादों में है
जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रस्तावित स्थल में मेला लगाने की अनुमति खारिज कर दी है।खास बात यह है की जन्माष्टमी पर मेले के आयोजन की परंपरा बरसों पुरानी है और मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु जुटते हैं । ऐसे में आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति है।


दरअसल रायगढ़ में जन्माष्टमी पर मेले के आयोजन की प्राचीन परंपरा है। जन्माष्टमी पर जहां तीन दिनों तक संजय मार्केट और गौरी शंकर मंदिर परिसर में झांकियां लगती है तो वहीं जुट मिल में इलाके में बड़े मेले का आयोजन होता है जिसमें बड़े मीना बाजार, गेम जोन और दुकानें लगती है। लेकिन जिला प्रशासन ने इस साल प्रस्तावित स्थल पर किसी भी तरह की दुकानें, मीना बाजार या अन्य आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि पूर्व में आयोजन के नाम पर न सिर्फ टैक्स चोरी की शिकायतें मिली है बल्कि ट्रैफिक की समस्या और सुरक्षागत कारणों से भी प्रस्तावित स्थल पर आयोजन संभव नहीं है। इस संबंध में नगर निगम यातायात विभाग से भी अभीमत मांगा गया था और संबंधित विभागों ने एनओसी नहीं दी है। ऐसे में आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इधर मामले में सियासत भी कार्रवाई हुई है। कांग्रेस का कहना है कि अगर यातायात की समस्या है या सुरक्षागत खामियां हैं तो जिला प्रशासन को इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए।

